अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। समता, सेवा और मानवता का संदेश देने वाले महान संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती रतनपुर में श्रद्धा, सामाजिक चेतना और जनभागीदारी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिला अनुसूचित जाति मोर्चा के तत्वावधान में संत रविदास मंदिर प्रांगण स्थित दुलहरा तालाब परिसर में व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने उनके विचारों—समता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय—को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर, तालाब के आसपास की पगडंडियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई। झाड़ू लगाकर कचरा एकत्र किया गया, प्लास्टिक और अपशिष्ट हटाए गए तथा स्वच्छता का संदेश आमजन तक पहुँचाया गया।

जिला अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष घनश्याम रात्रे ने कहा कि संत रविदास का जीवन केवल उपदेशों तक सीमित नहीं था, बल्कि कर्म के माध्यम से समाज को दिशा देने वाला था। उन्होंने कहा कि जयंती मनाने का सच्चा अर्थ तभी है जब हम समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ और स्वच्छ, समरस एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान दें।

नगर पालिका परिषद अध्यक्ष लवकुश कश्यप ने कहाँ स्वच्छता को सामाजिक आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को सेवा कार्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि नई पीढ़ी को सकारात्मक संदेश मिले। स्थानीय नागरिकों ने भी अभियान की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों में सहयोग का भरोसा दिलाया।
सफाई अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने एक साथ श्रमदान कर यह संदेश दिया कि समाज की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर आगे आना होगा। कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता, आपसी सौहार्द और संत रविदास के आदर्शों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
इस तरह संत शिरोमणि रविदास की जयंती रतनपुर में केवल श्रद्धा तक सीमित न रहकर सामाजिक जिम्मेदारी और जनचेतना का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई।



