अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। असम निवासी पल्लब देवजी भारत को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ असम से पैदल यात्रा पर निकले हुए हैं। अब तक वे लगभग 5000 किलोमीटर की लंबी यात्रा पूरी कर चुके हैं। उनका उद्देश्य देशभर में जन-जागरूकता फैलाकर युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना है।
इसी क्रम में उनकी पदयात्रा आज धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी रतनपुर पहुंची, जहां स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पल्लब देवजी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज की जड़ों को भी कमजोर कर देता है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण में सहभागी जीवन अपनाएं।पल्लब देवजी गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को नशा छोड़ने का संदेश दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि देश का युवा वर्ग ठान ले तो भारत को नशा मुक्त बनाना कोई असंभव लक्ष्य नहीं है। रतनपुर में उन्होंने युवाओं और नागरिकों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई।

रतनपुर से आगे बढ़ते हुए पल्लब देवजी पवित्र तीर्थस्थल अमरकंटक की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उनकी यह पदयात्रा विभिन्न राज्यों से होकर गुजर रही है और जहां-जहां वे पहुंच रहे हैं, वहां सकारात्मक जागरूकता का वातावरण बन रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने उनके इस साहसिक और समाजहितकारी अभियान की सराहना करते हुए उनके उद्देश्य की सफलता की कामना की है।



