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गरियाबंद में 29 जून की रात लाठी-डंडों से बेरहमी से हुई थी मारपीट, इलाज के दौरान युवक ने तोड़ा दम, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में किया पेश।
बुलंद टाइम्स न्यूज, गरियाबंद। मैनपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित आकाश कश्यप हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं वारदात में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को भी संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले के अनुसार, 29 जून 2026 की रात आकाश कश्यप के साथ कथित रूप से लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई थी। गंभीर रूप से घायल आकाश को उपचार के लिए गरियाबंद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 1 जुलाई 2026 को उसकी मौत हो गई।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और जांच के दौरान एकत्र साक्ष्यों में यह स्पष्ट हुआ कि आकाश कश्यप की मृत्यु गंभीर मारपीट से आई चोटों के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने देवकुमार निषाद (20), भीखम यादव (18), मनीष यादव (19), लक्की नेताम (19), लोकेश यादव (23) और डिगेंद्र निर्मलकर (18) को गिरफ्तार किया। वहीं घटना में शामिल 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने सामूहिक रूप से मारपीट करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त किया है।
इधर, मृतक की बहन आकांक्षा कश्यप ने इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक गरियाबंद को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की है। आवेदन में उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा मामले की निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि मृतक अनुसूचित जाति समुदाय से था, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में घटना किसी मामूली विवाद के बाद अचानक हुई हिंसक मारपीट का परिणाम प्रतीत हो रही है। हालांकि विवेचना अभी जारी है और पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण तो नहीं था। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों के विरुद्ध अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के पर्यवेक्षण में मैनपुर थाना पुलिस की विशेष टीम द्वारा की गई। अब मामले में न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू हो गई है और आगे की जांच जारी है।



