सी एल साहू की रिपोर्ट :-
कांकेर| शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरौद के प्राचार्य अशोक कुमार गोटे पर कक्षा 11वी एवम 12 वी छात्राओं के साथ गलत नियत से शरीर को स्पर्श करने का आरोप लगाया गया है गुरु और शिष्य के रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है , पूरा मामला कांकेर जिले के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरौद का है जहां प्रभारी प्राचार्य के द्वारा गलत तरीके से छात्रों को स्पर्श करने का आरोप लगाया गया है, छात्रों के पालकों ने प्रभारी प्राचार्य के ऊपर आरोप लगाते हुए कहां है की चारामा विकासखंड के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरौद में पदस्थ शिक्षक अशोक कुमार गोटे जो की प्रभारी प्राचार्य हैं, के द्वारा विज्ञान संकाय के अध्ययन के दौरान बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है एवं उन्हें गलत तरीके से स्पर्श किया जाता है |
और कुछ बोलने पर मारने पीटने पर उतारू हो जाते हैं जिसके कारण बालिकाओं के मन में हमेशा डर भय बना रहता है, जिस वजह से कुछ बालिकाओं का कहना है कि वह स्कूल भी नहीं जाना चाहते हैं. अशोक गोटे प्रभारी प्राचार्य के ऐसे व्यवहार के कारण नन्हिहालो का भविष्य खतरे में है इस बात को लेकर पालकों में काफी रोष है पालकों द्वारा कार्यवाही करने के लिए कांकेर जिलाधीश निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल को पत्र प्रस्तुत किया गया है लेकिन पत्र दिए हुए 4 से 5 दिन हो गए हैं किंतु आज पर्यंत कोई कार्यवाही नहीं हुई है चूंकि प्रभारी प्राचार्य आदिवासी समाज से तालुक रखते हैं शासकीय कर्मचारी होते हुए भी उनकी प्रदेश राजनीति में अच्छी दखल बताई जा रही है साथ ही जिलाशिक्षाधिकारी एवम जिले के उच्च अधिकारियों से अच्छे संबंध होने के करण अधिकारी कार्यवाही करने से बचते रहे हैं|
राजनीति के साथ प्रभारी प्राचार्य आदिवासी समाज के होने के करण लगातार दखलंदाजी हो रही है ,अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है इसलिए अब तक कोई कार्यवाही नहीं किया गया है जो की छात्राओं के भविष्य को लेकर बड़ी चिंता का विषय है । अभी तक कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण बच्चों को उस प्रभारी प्राचार्य के द्वारा डरा धमका कर शिकायत वापस लेने की धमकी भी दी जा रही है, वहीं प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के द्वारा लगातार बयान आ रहा है की एसे किसी भी अपराधी को सरंक्षण नही दी जायेगी पर यहां बिल्कुल उल्टा हो रहा है।अतः प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द इस पर तुरंत कार्यवाही की जाय नही तो पालकों एवं ग्रामीणो के द्वारा एक बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी गई है ।



