अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर नगर पालिका परिषद में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई खंभे एवं स्ट्रीट लाइटें महज 15 दिनों में ही खराब एवं बंद हो गईं। यह घटना नवरात्रि पर्व के कुछ दिनों पहले हुई है, जब नगर पालिका परिषद ने शहर मे स्ट्रीट लाइटों और नए खंबा लगाए
रतनपुर महामाया चौक से लेकर शनिचरी बाजार तक की अधिकतर लाइटें आज के दिन तक बंद हो चुकी हैं, और महामाया मंदिर प्रांगण पर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें भी बंद पड़ी हुई हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को और भी मजबूत बनाती है कि नगरपालिका परिषद में व्यापक भ्रष्टाचार हो रहा है
क्या नगर पालिका परिषद ने स्ट्रीट लाइटों की खरीद में बड़ी गड़बड़ी की है? क्या स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता खराब थी? क्या नगर पालिका परिषद ने स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर लापरवाही बरती है? इन सवालों का जवाब ढूंढने के लिए एक जांच की आवश्यकता है।
इस मामले में जनप्रतिनिधियों का मौन रहना भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। क्या वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं? क्या वे नगर पालिका परिषद के कार्यों की निगरानी कर रहे हैं? युवक कांग्रेस नेता रवि रावत राजा रावत और अजय दुबे ने नगर पालिका रतनपुर अध्यक्ष सी एम ओ और नगरपालिका इंजीनियर से भी जवाब मांगा है कि क्या खम्बो की गुणवता की जवाब दारी उनकी नही है
आवश्यकता है एक जांच की, जो सच्चाई को उजागर करे और दोषियों को सजा दिलाए।



