सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत जिला नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरजी और नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार निर्माण फैक्ट्री से जुड़े बड़े डंप का पर्दाफाश किया है।
विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर थाना सोनपुर क्षेत्रांतर्गत कोरसकोड़ों–पांगुड़–कंदुलपार इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सूचना मिलते ही डीआरजी टीम ने पूर्व नियोजित एरिया डॉमिनेशन पेट्रोल में संशोधन कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया, जिसमें नक्सलियों के छिपाए गए भारी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री बरामद की गई।
तलाशी के दौरान करीब 1000 किलोग्राम एल्यूमिनियम छड़ें, हजारों की संख्या में लोहे के पाइप, इलेक्ट्रिक कटर, वेल्डिंग मशीन और अन्य हथियार निर्माण में उपयोग होने वाला सामान बरामद किया गया। यह पूरा अभियान बिना किसी जनहानि और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचे सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
गौरतलब है कि हाल ही में जिला पुलिस द्वारा बीएसएफ के सहयोग से इस क्षेत्र में नया सुरक्षा कैंप कोरसकोड़ों स्थापित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा “माड़ बचाओ” अभियान के तहत नक्सल मुक्त, सशक्त बस्तर की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही अबूझमाड़ क्षेत्र में नए कैंप, सड़क, पुल-पुलिया निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की लगातार मौजूदगी और विकास कार्यों के चलते आम नागरिकों का भरोसा बढ़ा है, जिसका परिणाम यह रहा कि स्थानीय लोगों द्वारा नक्सल डंप से जुड़ी जानकारी सुरक्षा बलों के साथ साझा की जा रही है।
बरामद सभी सामग्री को सुरक्षित रूप से थाना सोनपुर लाकर प्रस्तुत किया गया है। इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नारायणपुर पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान लगातार प्रभावी रूप से जारी है।
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया ने कहा,
“नक्सलवाद के विरुद्ध हमारा अभियान निरंतर जारी है। सुरक्षा बलों की यह मुस्तैदी क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी। निर्धारित समय-सीमा तक हम नक्सलमुक्त बस्तर के लक्ष्य को साकार करेंगे।”



