अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर। रतनपुर थाना में थाना प्रभारी निलेश पांडेय की पुनः पदस्थापना के बाद नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें जागी हैं।
आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक वर्ग का मानना है कि उनकी सक्रिय कार्यशैली और सख्त पुलिसिंग से क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लग सकेगा।
पिछले कुछ समय से रतनपुर नगर तथा आसपास के क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब, अंग्रेजी एवं देसी शराब की अवैध बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में खुलेआम नशे का कारोबार संचालित होने की चर्चाएं आम हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा चोरी, मारपीट, विवाद और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी वृद्धि देखी गई है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाकर अवैध शराब विक्रेताओं, नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाती है तो क्षेत्र में अपराधों में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है।
लोगों को उम्मीद है कि थाना प्रभारी निलेश पांडेय के नेतृत्व में पुलिस अवैध शराब के अड्डों की पहचान कर नियमित छापेमारी करेगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता अभियान, मोहल्ला निगरानी समितियों की सक्रियता और नागरिकों के सहयोग से भी नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है। युवाओं को खेल, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर नशे की प्रवृत्ति को कम किया जा सकता है।
हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि रतनपुर पूरी तरह अपराध एवं नशा मुक्त हो जाएगा, लेकिन नागरिकों को विश्वास है कि सख्त पुलिसिंग, निरंतर निगरानी और जनसहयोग के माध्यम से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
अब सभी की निगाहें थाना प्रभारी निलेश पांडेय की आगामी कार्ययोजना और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
नगरवासियों का मानना है कि यदि अवैध शराब कारोबारियों, नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों पर लगातार कार्रवाई जारी रही, तो रतनपुर को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हो सकती है।




