सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
मिट्टी में उपस्थित मॉइस्चर और तापमान के आधार पर पानी की ऑटोमेटिक सप्लाई का लाइव डेमो देखकर किसान भाई बहुत प्रसन हुए
ओटू लैब्स , रायपुर से आई हुई टीम ने हाल ही में नारायणपुर कलेक्ट्रेट में उपस्थित किसानों के लिए एक लाइव डेमो आयोजित किया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे कोडिंग का उपयोग करके मॉइस्चर और तापमान के आधार पर पानी की सप्लाई को नियंत्रित किया जा सकता है। इस डेमो में, ओटू लैब्स के विशेषज्ञों ने किसानों को दिखाया कि कैसे सेंसर और कोडिंग का उपयोग करके खेतों में पानी की सप्लाई को स्वचालित किया जा सकता है।
कैसे काम करता है?
ओटू लैब्स की तकनीक में मॉइस्चर और तापमान सेंसर का उपयोग किया जाता है, जो खेतों की मिट्टी में लगाए जाते हैं। ये सेंसर मिट्टी की नमी और तापमान को मापते हैं और इस कोडिंग की ट्रेनिंग स्कूल में छात्रों को दी जाती है जिस से वे अपनी ज़रूरत के अनुसार कोडिंग करके मनमुताबिक पानी की सप्लाई को ऑटोमैटिक चालू और बंद कर सके ।
फायदे
– पानी की बचत: इस तकनीक से पानी की बचत होती है, क्योंकि पानी केवल तभी सप्लाई किया जाता है जब मिट्टी में नमी कम होती है।
– फसल की बढ़ती उत्पादकता: इस तकनीक से फसल की उत्पादकता बढ़ती है, क्योंकि पौधों को सही मात्रा में पानी मिलता है।
– किसानों का समय और श्रम बचता है: इस तकनीक से किसानों का समय और श्रम बचता है, क्योंकि उन्हें पानी की सप्लाई को मैनुअल रूप से नियंत्रित नहीं करना पड़ता है ¹ और जब यह तकनीक किसान के बेटे के नियंत्रण में रहेगी तो वह मौसम के अनुसार कोडिंग करके उत्पादकता बेहतर कर सकता है । ओटू लैब्स रायपुर आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस , रोबोटिक्स , इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स की कोडिंग छात्रों को सिखाती है , इनके तकनीकी विशेषज्ञों में रजनीश , आकांक्षा , रश्मि , आरती एवं दामिनी ने नारायणपुर कलेक्ट्रेट में उपस्थित किसानों को मंत्रमुग्ध किया ।




