अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर/मस्तुरी:अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मस्तुरी ब्लॉक में चल रहे 45 दिवसीय देशव्यापी “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत ओखर मंडल के 21 गांवों में जन-जागरण पदयात्रा, चौपाल एवं नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया। इस व्यापक जन आंदोलन की शुरुआत ग्राम बेटरी से हुई, जिसका समापन ग्राम पंचायत ओखर में विशाल नुक्कड़ सभा के साथ किया गया।
इस अभियान का नेतृत्व मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला प्रभारी एवं जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे ने किया। उनके साथ जनपद सदस्य ज्वाला प्रसाद बंजारे, ओखर सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मी यादव, कांग्रेस छाया नपं. अध्यक्ष प्रतिनिधि निलेश कैवर्त, युवा कांग्रेस नेता सत्येंद्र साहू सहित ओखर मंडल के अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के प्रभारी, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
“मनरेगा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर रही है केंद्र सरकार”
जन-जागरण पदयात्रा और चौपाल सभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा जैसी ऐतिहासिक ग्रामीण रोजगार योजना को योजनाबद्ध ढंग से कमजोर कर रही है। जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर बनी इस योजना ने देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों को काम की कानूनी गारंटी दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार के संशोधनों से यह अधिकार धीरे-धीरे छीना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के तहत काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य था, लेकिन अब नई व्यवस्था में काम सरकार की मर्जी पर निर्भर होता जा रहा है। इससे यह तय किया जाएगा कि किस ग्राम पंचायत को काम मिलेगा और किसे नहीं, जो गरीब मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

राज्यों पर बढ़ाया गया आर्थिक बोझ
सतकली बावरे ने कहा कि पहले मनरेगा की अधिकांश राशि केंद्र सरकार वहन करती थी और राज्यों पर मात्र 10 प्रतिशत का भार था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे राज्यों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन प्रभावित हो रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब मजदूरों के हक को कुचलकर चंद पूंजीपतियों के हित में नीतियां बना रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है।
मनरेगा बचाओ संग्राम की चार प्रमुख मांगें
समापन सभा में सतकली बावरे ने मनरेगा बचाओ संग्राम की चार प्रमुख मांगों को स्पष्ट रूप से रखा—
काम की गारंटी
मजदूरी की गारंटी
जवाबदेही की गारंटी
मनरेगा कानून की पूर्ण बहाली एवं सभी संशोधनों की वापसी
उन्होंने ग्रामीणों और मजदूरों से संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक मजदूरों के साथ खड़ी है।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भागीदारी
इस अभियान में जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे, जनपद सदस्य ज्वाला प्रसाद बंजारे, ओखर मंडल प्रभारी सत्येंद्र साहू, निलेश कैवर्त, मंडल अध्यक्ष व सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मी यादव, ठकुरदेवा सरपंच केशव साहू, पूर्व नपं. उपाध्यक्ष लक्ष्मणकांत, पूर्व नपं. एल्डरमैन नवीन अग्रवाल, गोल्डी यादव सहित कांग्रेस संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अभियान को सफल बनाया।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर ग्रामीण मजदूरों को उनके रोजगार अधिकारों के प्रति जागरूक करें और इस आंदोलन को और मजबूती प्रदान करे



