अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। क्षेत्र के सुप्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर में 03 मार्च 2026, मंगलवार को लगने वाले सूतक के कारण मंदिर के पट प्रातः 9 बजे से पूर्णतः बंद रहेंगे। इस संबंध में श्री महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट, रतनपुर द्वारा आधिकारिक सूचना जारी कर श्रद्धालुओं को अवगत कराया गया है।
ट्रस्ट प्रबंधन के अनुसार धार्मिक परंपराओं एवं शास्त्र सम्मत नियमों के पालन में सूतक लगते ही मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। सूतक काल के दौरान मंदिर में दर्शन, पूजन, आरती, प्रसाद वितरण तथा अन्य समस्त धार्मिक गतिविधियां पूरी तरह स्थगित रहेंगी। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का प्रवेश भी निषिद्ध रहेगा।

मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि सूतक काल हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है और इस अवधि में देवी-देवताओं के मंदिरों में नियमित अनुष्ठान नहीं किए जाते। इसी परंपरा का पालन करते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 3 मार्च को प्रातः 9 बजे के बाद दर्शन के लिए मंदिर न आएं तथा प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन का सहयोग करें।
सूतक समाप्ति एवं विधिवत शुद्धिकरण के पश्चात मंदिर के पट पुनः वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। इसके बाद नियमित आरती, पूजा एवं दर्शन व्यवस्था पूर्ववत प्रारंभ कर दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि रतनपुर स्थित श्री महामाया देवी मंदिर छत्तीसगढ़ का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सूतक काल को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम, धैर्य और सहयोग की अपेक्षा की है, ताकि धार्मिक परंपराओं का पालन शांतिपूर्वक किया जा सके।



