रतनपुर के वार्ड क्रमांक 02 गांधी नगर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठवें दिन भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल अपने चरम पर रहा, जब भगवान शिव की भव्य और आकर्षक शोभायात्रा (शिव बारात) धूमधाम के साथ निकाली गई।
शिव बारात में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की जीवंत झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते बारात में शामिल हुए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शिव बारात का भव्य स्वागत किया गया, जिससे पूरा नगर “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
शोभायात्रा के पश्चात कथा स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का विधि-विधान के साथ अत्यंत भावपूर्ण आयोजन किया गया। इस पावन प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी भाव-विभोर हो उठे। विवाह समारोह ने श्रद्धालुओं को धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया।
व्यास पीठाधीश्वरी कथा वाचिका सुश्री देवी श्री ने कथा के दौरान श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि यह महापुराण अनंत शक्ति और कल्याण का स्रोत है। उन्होंने बताया कि जब देवता दैत्यों से पराजित होकर अपने लोकों को छोड़ने पर मजबूर हो गए थे, तब जगत जननी मां जगदंबिका ने विभिन्न रूप धारण कर दैत्यों का संहार किया और तीनों लोकों की रक्षा की।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां नकारात्मक शक्तियों का स्वतः नाश हो जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा, बैठने, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को भी सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ।






