Oplus_131072
बुलंद टाइम्स न्यूज, दुर्ग। किताबों से निकलकर जब कानून गांव की चौपाल, पंचायत भवन और हाट-बाजार तक पहुंचता है, तो वह सिर्फ जानकारी नहीं रहता वह बदलाव की शुरुआत बन जाता है।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने ग्राम ननकट्ठी में पैरा-लीगल वालेंटियर्स (PLV) के साथ एक ऐसी ही जनजागरूकता पहल की, जिसमें विधिक जागरूकता को पारंपरिक भाषणों तक सीमित रखने के बजाय संवाद और रैली के माध्यम से सीधे लोगों के बीच ले जाया गया।
ग्राम ननकट्ठी के पंचायत भवन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यहां ग्रामीणों को आदिवासी समुदायों के अधिकारों, विधिक संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं की जानकारी दी गई। इसके बाद तस्वीर बदली। पंचायत भवन से निकली जागरूकता रैली गांव के हाट-बाजार और विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी। कम्यूनिटी मीडियेटर्स, PLV, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से यह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि गांव के बीच चलती-फिरती विधिक जागरूकता मुहिम बन गई। रैली के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि अपने अधिकार जानिए, जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद लीजिए और विवादों को बढ़ाने के बजाय बातचीत से समाधान तलाशिए।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा सामुदायिक मध्यस्थता। ग्रामीणों को बताया गया कि हर विवाद का रास्ता अदालत से होकर ही गुजरे, यह जरूरी नहीं। कई छोटे विवाद ऐसे होते हैं जिन्हें समय रहते संवाद, समझ, सहमति और सहयोग से सुलझाया जा सकता है।
छात्रावास में कानून के साथ करियर की भी बात
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर GOVT. POST MATRIC S.C. BOYS HOSTEL में भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग की ओर से LADCS के दो काउंसलर पहुंचे। यहां विद्यार्थियों से केवल कानून की बातें नहीं हुईं उनके सपनों की भी बात हुई। विद्यार्थियों को विश्व आदिवासी दिवस के महत्व, आदिवासी समुदायों की संस्कृति, परंपराओं और अधिकारों के साथ-साथ यातायात सुरक्षा, साइबर फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों को विशेष रूप से सचेत किया गया कि OTP साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसके साथ ही विद्यार्थियों से उनके कैरियर, लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं पर संवाद किया गया तथा उन्हें मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
जिले के अलग-अलग हिस्सों में PLV बने ‘कानून के साथी’
विश्व आदिवासी दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के पैरा-लीगल वालेंटियर्स ने जिले के विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता और अन्य विधिक सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई तथा उन्हें बताया गया कि कानूनी समस्या आने के बाद अकेले उसका सामना करना जरूरी नहीं है, विधिक सेवा प्राधिकरण मदद के लिए उपलब्ध है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग का यह प्रयास विधिक जागरूकता को केवल सूचना देने की प्रक्रिया से आगे ले जाकर उसे जनभागीदारी, संवाद और सामुदायिक समाधान से जोड़ने की दिशा में एक कदम रहा। गांव की गलियों से हाट-बाजार तक पहुंची यह पहल यही बताती है – कानून की असली ताकत सिर्फ उसे लागू करने में नहीं, बल्कि उसे हर व्यक्ति तक पहुंचाने में है।




