सी एल साहू की रिपोर्ट :-
कांकेर| कांकेर जिले के रिसेवाड़ा गाँव में दशहरा पर्व एक अनोखे तरीके से मनाया गया। यहाँ पर पूर्वजों से रावण पुतला दहन की परंपरा चली आ रही है, जिसमें हर वर्ष एक नया रावण पुतला तैयार किया जाता है। दशहरे के दिन रावण पुतले की पूजा की गई, जिसके बाद भगवान राम द्वारा रावण का पुतला दहन किया गया। यह एक महत्वपूर्ण घटना है जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है।
रिसेवाड़ा गाँव में बच्चों द्वारा रामलीला का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान राम की जीवन कहानी को दर्शाया गया। यह एक अद्भुत है जिसमें बच्चे भगवान राम की कथा को समझते हैं और उसका महत्व जानते हैं। इस अवसर पर करण मांडवी, बालादास मानिकपुरी, बृजलाल जैन, अजीत जैन, रिकेश्वर कोडोपी, और खमन मांडवी ने कहा, “दशहरा पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत की याद दिलाता है और हमें अपनी परंपराओं और मूल्यों को समझने में मदद करता है।”
गाँव के लोगों ने एकत्रित होकर दशहरा पर्व मनाया और रावण दहन का आनंद लिया। गाँव के लोगों ने कहा, “हमार गाँव में दशहरा पर्व हर साल मनाया जाता है, और यह हमारी परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।” रिसेवाड़ा गाँव के उप.सरपंच सुरेश पटेल ने भी हाथी के रोल में दिखाई दिया, इसमें दर्शकों को हंसने का प्रयास किया। इस अवसर पर अपने शब्द कहे, “हमार गाँव में दशहरा पर्व का आयोजन करना हमारे लिए गर्व की बात है।”
इस अवसर पर ग्रामीणों ने एक दूसरे को दशहरा की शुभकामनाएँ दी। रिसेवाड़ा गाँव के निवासी जगदीश गोवस्वामी, चित्रासेन पटेल, बालीराम पटेल, रेखू राम पटेल, भूपेश्वर यदु, मुकेश पटेल, कमला सिन्हा, महेश सिन्हा, सुरेंद्र पटेल, यश पटेल, टेशवर पटेल, चमना पटेल, राजा पटेल, उमेश पटेल ने कहा, “दशहरा पर्व हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को जानने में मदद करता है।” इस तरह रिसेवाड़ा गाँव में दशहरा पर्व का आयोजन किया गया और लोगों ने इसका आनंद लिया।



