सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | – आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ, नारायणपुर इकाई ने एक अनूठा विरोध प्रदर्शन करते हुए “वादों की बारात” निकाली। इस प्रतीकात्मक बारात का उद्देश्य सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए वादों को याद दिलाना था, जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है।
बारात में खुद NHM कर्मचारी दूल्हा और बाराती बने। इन कर्मचारियों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनी थी और एक बैलगाड़ी और बैंड-बाजे के साथ मार्च किया। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने अपनी लंबित मांगों को “दुल्हनिया” के रूप में प्रदर्शित किया, जिसे “मोदी की गारंटी” की गारंटी बताया गया था।
कर्मचारियों ने बताया कि सरकार द्वारा किए गए चुनावी वादे पूरे न होने के कारण उनमें भारी निराशा है। उन्होंने कहा कि वादे रूपी दुल्हन के न मिलने से वे निराश हैं। NHM कर्मचारियों का कहना है कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द अमल नहीं करती है, तो वे कल इच्छा मृत्यु की भी मांग करेंगे।
NHM कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने कहा, “हमारी सेवा में सम्मान नहीं, केवल शोषण है। घुट-घुट कर जीने से अच्छा है मर जाना।”
यह विरोध प्रदर्शन सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने के लिए किया गया है, जिसमें स्थायीकरण, वेतन वृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार शामिल है।
कर्मचारीयों ने आक्रोश जताते हुए ये कहा है कि nhm कर्मचारीयों की 10 सूत्रीय मांग पूरी न होने की स्थिति में इच्छा मृत्यु सहित,,अनशन,,एवं आत्म दाह जैसे उग्र आंदोलन प्रदर्शन को बाध्य होंगे



